विश्व शहर दिवस के अवसर पर सप्ताह व्यापी अभियान के पहले दिन श्वाक द टॉकश् का आयोजन

बेहतर शहर एवं बेहतर शहरी जीवन के उद्देश्य के साथ संयुक्त राष्ट्र द्वारा विश्व में प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को विश्व शहर दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष सामाजिक समावेश को ध्यान में रखते हुए एवं शहरीकरण की महत्त्वपूर्ण भूमिका को दिखने के लिए विश्व शहरी दिवस का विषय श्इनोवेटिव गर्वनेंसए ओपन सिटीज श् रखा गया है। जिसका अर्थ है शासन में नयापन व शहरी व्यवस्था में खुलापन। इसी थीम को लेकर नगर निगम मुजफ्फरपुर एवं यूरोपियन यूनियन के सहयोग से प्रिया संस्था द्वारा सक्रिय नागरिकए क्रियाशील शहर कार्यक्रम अंतर्गत स्वच्छता सेवाओं के स्थायी समाधान व जनसहभागिता के साथ व्यवहार परिवर्तन के लिए 31 अक्टूबर से सप्ताहव्यापी अभियान के पहले दिन वार्ड नंबर 4 के किलाबांध स्लम में वाक द टॉक का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य अनियमित बस्ती के लोगों एवं शहर के उच्च एवं माध्यम वर्ग के लोगों के बीच संपर्क की खाई को पाटना था। 

इस अवसर पर आस पास के मोहल्ले के उच्च एवं माध्यम वर्ग के लोगों के साथ साथ समाजसेवक एवं प्रोफेसर रामजतन ठाकुरए मोहल्ला एवं ग्राम सभा के समिति के राज्य अध्यक्ष आनंद पटेल भी शामिल हुए।
 
प्रोफेसर राम जतन ठाकुर ने यह दुखद हैए की जो लोग शहर को साफ़ सुथरा रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। उन्हें ही अपार गन्दगी के बीच जीवन जीना पड़ता है। वार्ड क्रमांक 4 के पार्षद हरिओम जी ने कहा किए नगर निगम को ऐसी बस्तियों में विकास के कार्य को प्राथमिकता के तौर पर करना चाहिए। पडोसी मोहल्ले के युवा साथी राकेश ने कहा कीए उनकी स्थिति दयनीय है। मलिन बस्ती मलिन रहने पर मजबूर है। क्यूंकि हमलोग इसके लिए कुछ नहीं करते। अगर ये लोग हमारा मोहल्ला साफ़ रखते है तो हमें भी इनके मोहल्ले के विकास के लिए काम करना चाहिए।
 
इस अवसर पर अनियमित बस्ती वासियों ने एवं आगंतुकों ने अनियमित बस्तियों की समस्याओं को लेकर चर्चा कीए और किस तरह अलग अलग प्रयासों के माध्यम से स्लम के निवासियों को बेहतर जीवन मिल सकता है। इस संबंध में भी चर्चा कीप् प्रिया संस्था के कार्यक्रम अधिकारी विकास सिंह ने वहां उपस्थित सदस्यों से बातचीत में कहा किए अनियमित बस्ती में रहने वाले ये लोग शहरी जीवन की धुरी होते है। उनके विकास के लिए जो लोग सक्षम है उन्हें अवश्य प्रयास करना चाहिए।

विश्व शहर दिवस पर सप्ताह व्यापी अभियान के दूसरे दिन (1 नवंबर 2017) श्अपने सपनों का शहरश् थीम पर पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन

मुजफ्फरपुर स्थित जुब्बा साहनी पार्क में शहर के अलग अलग मुहल्लों से आये 50 बच्चों और युवकों ने अपने सपनों का शहर कैसा हो ए विषय पर रंगों के माध्यम से अभिव्यक्ति की। समावेशी शहर की परिकल्पना को समझने के लिए युवाओं ने अनियमित बस्ती में भ्रमण कियाण् वहां रहने वाले लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में किन कठिनाई का सामना करना पड़ता है यह समझने की कोशिश की। इसी अवलोकन के आधार पर उन्होंने अपने सपनों का शहर चित्रित किया।

इस कार्यक्रम में चित्रकारी करने आये देबोजीत ने कहा कीए स्लम के लोगों के लिए सबसे जरूरी घर हैए इसलिए मेरे सपनों के शहर में कोई भी सड़क पर नहीं सोयेगा।
 
वहीँ अंचल ने कहा कीए मेरे सपनों के सहर में मंदिरए मस्जिदए गिरिजाघर सब एक जगह होंगे और हम लोग सारे पर्व एक साथ मनाएंगे। 

मुस्कान ने अपने सपनों के शहर में हर घर के आगे पानी के नल की परिकल्पना को उकेरा। 

शुभम कुमार ने कहा किए सपनों के शहर में बच्चों के लिए स्कूल और अस्पताल उनके घर के आस पास ही मौजूद होने चाहिए। 

इस प्रयास का उद्देश्य था की शहर में मौजूद 122 अनियमित बस्तियों के प्रति सामान्य जन में जागरूकता पैदा करना एवं उनके विकास के लिए अपनी भागीदारी निभाना।

विष्व षहर दिवस अभियान के तहत प्रातः 5-6 बजे षहर के विख्यात काॅेलेज लंगट सिंह काॅलेज में सीनियर सिटीजन, स्टूडेंट, महिला, युवक व युवतियों के बीच पम्फलेट बांटा गया। इसके साथ ही बड़ी संख्या में आए मध्यमवर्गीय वर्गों के साथ इस विषय पर परिचर्चा की गई। सभी ने अपनी-अपनी राय रखी। संबह की सैर के लिए आए अरुण सिंह व उनके अन्य साथियों ने कहा किषहर के विकास में वे लोग भी अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं, लेकिन इसकी षुरुआत कहां से की जाए इसका निर्णय नहीं ले पा रहे हैं।

अभियान में षामिल प्रिया की टीम ने उन्हें प्रिया कार्यालय आने का आमंत्रण दिया। चर्चा को आगे बढ़ाते हुए अनियमित बस्तियों व वहां रह रहे निवासियों पर चर्चा की गई। उन सभी का मानना था कि षहर में ऐसी बस्तियां नहीं रहनी चाहिए। सरकार को इसके विकास व उत्थान के लिए विषेष प्रयास करने चाहिए। प्रिया की टीम ने उनके कहा कि ऐसी बस्तियों के विकास में चलने वाले अभियानों में अगर वे भी अपनी भागीदारी निभाएंगे तो वह दिन दूर नहीं कि षहर में ऐसी बस्तियां नहीं होंगी और यहां के निवासी भी विकास की मुख्यधारा में षामिल होंगे।

सभी ने एक सुर में कहा कि इस विषय पर वे गहराई से सोचेंगे और अनियमित बस्तियों के विकास और वहां रहनेवालों के रहन-सहन में सुधार लाने में अपना पूरा योगदान देंगे।