सà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤Ÿ सिटी, डेवलपà¥à¤¡ सिटी, मेटà¥à¤°à¥‹ सिटी जैसी कई अवधारणायें, जो किसी शहर की कलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ को मूरà¥à¤¤ रूप देती है, शहरों को उनका सà¥à¤µà¤°à¥à¤ª पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करती है I 
31 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर को विशà¥à¤µ शहर दिवस के अवसर पर पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ संसà¥à¤¥à¤¾ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ समावेशी शहर की थीम पर मà¥à¤œà¤«à¥à¤«à¤°à¤ªà¥à¤° शहर में सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥€ अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ में अलग-अलग कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ के माधà¥à¤¯à¤® से शहरों में सतत विकास और समावेशी शहर की अवधारणा पर चरà¥à¤šà¤¾ की गयी I इसी कà¥à¤°à¤® में हमारी आने वाली पीà¥à¥€ शहरी विकास को किस रूप में देखती है, उनके सपनों का शहर कैसा हो जहाठवे रहना चाहते है, विषय पर पेंटिंग का कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® आयोजित किया गया I मà¥à¤œà¤«à¥à¤«à¤°à¤ªà¥à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ जà¥à¤¬à¥à¤¬à¤¾ साहनी पारà¥à¤• में अलग- अलग आयॠवरà¥à¤— के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ ने पेंटिंग के माधà¥à¤¯à¤® से अपने सपनों के शहर को उकेरा I इस कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में सà¥à¤²à¤® बसà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ तथा शहर की सामानà¥à¤¯ बसà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ ने à¤à¤• साथ पेंटिंग की I
ककà¥à¤·à¤¾ सातवीं की छातà¥à¤°à¤¾ करीमा पà¥à¤°à¤µà¥€à¤£ ने दो अलग -अलग पेंटिंग बनायीं, जिनमें से à¤à¤• में अà¤à¥€ के शहर की तसà¥à¤µà¥€à¤° थी और दूसरी में उनके सपनों के शहर की I करीमा कहती है की, “दो अलग अलग चितà¥à¤° हमें यह समà¤à¤¨à¥‡ में मदद करेंगे कि, अगर सब कà¥à¤› अचà¥à¤›à¤¾ हो जाà¤à¤—ा तो तसà¥à¤µà¥€à¤° कितनी बदल जाà¤à¤—ी I जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कà¥à¤› तो नहीं चाहिठ,अचà¥à¤›à¥€ सड़क हो, और उनके किनारे पकà¥à¤•ी नालियाठजिससे की बरसात में गंदे पानी में घà¥à¤¸à¤•र सà¥à¤•ूल नहीं जाना पड़े I सबके घर पर पानी का नल हो, घरों के आगे अचà¥à¤›à¥‡ सà¥à¤¨à¥à¤¦à¤° फूल और पेड़ हो I कचरा à¤à¥€ सड़क पर इधर उधर फेंका नहीं हो I इतना à¤à¥€ हो जाà¤à¤—ा तो हमारा शहर साफ़ सà¥à¤¥à¤°à¤¾ होगा I” कà¥à¤² मिलाकर देखा जाठतो करीमा के सपनों का शहर साफ़ सà¥à¤¥à¤°à¤¾ शहर होगा I 

मोहमà¥à¤®à¤¦ महफूस ने अपनी पेंटिंग में à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ शहर की कलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ की है, जिसमें पकà¥à¤•ी सड़कें और नालियाठतो होंगी, साथ ही साथ वहाठसामà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¤¿à¤• शौचालय और सà¥à¤•ूल à¤à¥€ होगा I महफूस कहते है कि, “मेरे सपनों का शहर इतना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होगा कि वहाठलड़कियों को सà¥à¤•ूल या बाजार जाने से पहले सोचना नहीं होगा I à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ माहौल जहाठसà¤à¥€ आजादी से घूम सकते है I”
इस कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में चितà¥à¤°à¤•ारी करने आये देबोजीत ने कहा की, “सà¥à¤²à¤® के लोगों के लिठसबसे जरूरी घर है, इसलिठमेरे सपनों के शहर में कोई à¤à¥€ सड़क पर नहीं सोयेगा I” वहीठअंचल ने कहा की, “मेरे सपनों के सहर में मंदिर, मसà¥à¤œà¤¿à¤¦, गिरिजाघर सब à¤à¤• जगह होंगे और हम लोग सारे परà¥à¤µ à¤à¤• साथ मनाà¤à¤‚गे I”

मà¥à¤¸à¥à¤•ान ने अपने सपनों के शहर में हर घर के आगे पानी के नल की परिकलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ को उकेरा I शà¥à¤à¤® कà¥à¤®à¤¾à¤° ने कहा कि, “सपनों के शहर में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठसà¥à¤•ूल और असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² उनके घर के आस पास ही मौजूद होने चाहिठI”
