बढ़ते शहरीकरण,का दबाव सबसे अधिक सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ सेवाओं पर पड़ रहा है जिससे शहर में कई पà¥à¤°à¤•ार की समसà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¥‡à¤‚ बढ़ रही है । à¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार के सà¥à¤µà¤šà¥à¤› à¤à¤¾à¤°à¤¤ अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ तो पड़ रहा है,किनà¥à¤¤à¥ यह सà¥à¤¥à¤¾à¤ˆ रहे इसके लिठअनियमित बसà¥à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ सà¥à¤²à¤® कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ व कालोनीयों में रहने वाले मधà¥à¤¯à¤® व उचà¥à¤š वरà¥à¤— के लोगों के बीच à¤à¤• बेहतर रिशà¥à¤¤à¤¾ व आपसी संवाद होना व सà¤à¥€ लोगों को मिलकर कारà¥à¤¯ करना आवशà¥à¤¯à¤• है तà¤à¥€ हम समावेशी विकास की बात कर सकते हैं।शहरी शासन के माधà¥à¤¯à¤® से शहरों को समावेशी विकास का केनà¥à¤¦à¥à¤° बनाया जाय इस पृषà¥à¤ à¤à¥‚मि के तहत कारà¥à¤¯ करने पर सही मायने में शहरों की तसà¥à¤µà¥€à¤° बदल सकती है।
बेहतर शहर व बेहतर जीवन के उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ के साथ संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ विशà¥à¤µ में पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• वरà¥à¤· 31 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर को विशà¥à¤µ शहर दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वरà¥à¤· 2017 में सामाजिक समावेश को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखते हà¥à¤ व शहरीकरण की महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका को दिखाने के लिठविशà¥à¤µ शहरी दिवस का विषय इनोवेटिव गवरà¥à¤¨à¥‡à¤‚स,ओपेन सिटीज रखा गया है जिसका अरà¥à¤¥ है शासन में नयापन व शहरी बà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में खà¥à¤²à¤¾à¤ªà¤¨à¥¤ इस थीम को लेकर नगर निगम à¤à¤‚सी व यà¥à¤°à¥‹à¤ªà¤¿à¤¯à¤¨ यूनियन के सहयोग से सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ नागरिक कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤² शहर कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® अनà¥à¤°à¥à¤¤à¤—त सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ सेवाओं के सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ समाधान व जनसहà¤à¤¾à¤—िता के साथ बà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° परिवरà¥à¤¤à¤¨ हेतॠ31 अकà¥à¤Ÿà¥‚बर से पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾-सी दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹à¤µà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥€ अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ संचालित किया गया जिसके तहत सरà¥à¤µà¤ªà¥à¤°à¤¥à¤® 04 पà¥à¤°à¤®à¥à¤– दैनिक समाचार पतà¥à¤°à¥‹à¤‚ के माधà¥à¤¯à¤® से 4000 पमà¥à¤«à¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ वितरण, शहर कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में किया गया जिसे शहरी कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के नागरिकों ने पढ़ा और गरीबों की à¤à¤²à¤¾à¤ˆ व अनियमित बसà¥à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ में रहने वाले लोगों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ संवेदित हà¥à¤à¥¤
इसी कड़ी में अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ का आगाज शहर के अलग-अलग कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ के पारà¥à¤•ों में सà¥à¤¬à¤¹ और शाम में आने वाले नागरिकों के साथ वारà¥à¤¤à¤¾ व पमà¥à¤«à¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ वितरण करके किया गया तथा जरा सोचें पमà¥à¤«à¤²à¥‡à¤Ÿ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ विषयों पर चरà¥à¤šà¤¾ किया गया जिसमें मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¤à¤ƒà¤¨à¤¿à¤®à¥à¤¨ बातें शामिल थीं ।
 आप सोचें शहर में आपके नजदीक जो लोग रहते हैं हमें सेवायें देते हैं जैसे-घर में काम करने वाली बाई,सफाईकरà¥à¤®à¥€,कचरा ले जाने वाले लोग,दूध देने वाले यदि नहीं हों या कहीं दूर रहते हों तो हमारे जीवन शैली पर कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ेगा,
 कà¥à¤¯à¤¾ उनके बचà¥à¤šà¥‡ आपके बचà¥à¤šà¥‡ जैसे जीवन जीते हैं
 कà¥à¤¯à¤¾ उनके परिवार के सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को शिकà¥à¤·à¤¾ व सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की उचित बà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ मिलती है
उपरोकà¥à¤¤ बिनà¥à¤¦à¥à¤“ं को लेकर शहर के मधà¥à¤¯à¤®à¤µà¤°à¥à¤—ीय व समà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ परिवारों वाले कालोनियों,बà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ तथा शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ आदि के सामने सà¥à¤²à¤® कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ को लाने तथा विकास के कारà¥à¤¯ पर पहल करने हेतॠअà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ को गति पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हà¥à¤ 08 पारà¥à¤•ों,सरकिट हाउस,रेलवे इंसà¥à¤Ÿà¥€à¤šà¥à¤¯à¥‚ट,कालेज,में समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• करके 650 से अधिक लोगों से समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• व वारà¥à¤¤à¤¾ किया गया साथ ही परà¥à¤šà¥‡ वितरित किये गये, इस दौरान नागरिकों ने निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¯à¥‡à¤‚ बà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ कीं
नागरिकों की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¯à¥‡à¤‚--
 पारà¥à¤•ो में कई नागरिकों ने पूछा कि ये विशà¥à¤µ शहर दिवस कà¥à¤¯à¤¾ है और कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है
 कà¥à¤› लोगों ने कहा कि सà¥à¤²à¤® कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में शिकà¥à¤·à¤¾ नहीं है हम à¤à¤• दो बार अपने कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के बगल में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पढ़ाने के लिठगये लेकिन न तो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ ने ना ही अà¤à¤¿à¤à¤¾à¤µà¤•ों ने रूचि दिखायी
 यह पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ अचà¥à¤›à¤¾ है हम रिटायरà¥à¤¡ परà¥à¤¸à¤¨ घर रहकर इस उमà¥à¤° में कà¥à¤¯à¤¾ व कैसे कर सकते है हम तो यहंा योग करते हैं,टहलते है,à¤à¤œà¤¨ करते हैं,अखबार पढ़ते हैं
 अधिकांश पारà¥à¤•ों में रिटायरà¥à¤¡ परà¥à¤¸à¤¨ के अनौपचारिक समूह है जिनसे संवाद हो सकता है
 सà¥à¤²à¤® कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥ परीकà¥à¤·à¤£ का कारà¥à¤¯ करवाया जा सकता है
 आप लोग अचà¥à¤›à¤¾ कारà¥à¤¯ कर रहे हैं हम à¤à¥€ अपने कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में गरीबों के लिठजागरूकता का कारà¥à¤¯ करेगें
 पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का इस पà¥à¤°à¤•ार से बà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° परिवरà¥à¤¤à¤¨ के लिठकिया जाने वाले पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ नया व बेहतर है यह पहली बार हो रहा है
 शहर अब साफ तो दिखता हैं लगता है आप सà¤à¥€ का à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ है
01 नवमà¥à¤¬à¤° में अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ से बà¥à¤¨à¥à¤¦à¥‡à¤²à¤–णà¥à¤¡ विशà¥à¤µ विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के जनसंचार व पतà¥à¤°à¤•ारिता विà¤à¤¾à¤— के 22 सà¥à¤¨à¤¾à¤¤à¤• विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¥€ जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ और उनà¥à¤¹à¥‹à¤¨à¥‡à¤‚ 02 कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ का à¤à¥à¤°à¤®à¤£ करके बसà¥à¤¤à¥€ के लोगों के दैनिक जीवन को महसूस करते हà¥à¤ लोगों से शिकà¥à¤·à¤¾,सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯,रोजगार की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर वारà¥à¤¤à¤¾ किया तथा अपने सà¥à¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ दिये। इसी पà¥à¤°à¤•ार
02व 3 नवमà¥à¤¬à¤° में विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤˜à¤¾à¤²à¤¯ के समाजकारà¥à¤¯ विà¤à¤¾à¤— के 20 विघारà¥à¤¥à¥€ व लेकà¥à¤šà¤°à¤°à¥à¤¸ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ 02 वारà¥à¤¡à¥‹à¤‚ के 02 बसà¥à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ (तालपà¥à¤°à¤¾) में बसà¥à¤¤à¥€ के हालात को जानने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया गया जंहा बसà¥à¤¤à¥€ के लोगों ने रोजगार की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿,शिकà¥à¤·à¤¾ व सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾,शौचालय से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं पर चरà¥à¤šà¤¾ किया तथा घरों में रहन सहन की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का अवलोकन किया। 03 नवमà¥à¤¬à¤° को वारà¥à¤¡ संखà¥à¤¯à¤¾ 08 के नादन à¤à¤¾à¤¡à¤¼à¥‚ वाली बसà¥à¤¤à¥€ में सामानà¥à¤¯ कालोनीयों व मारà¥à¤•ेट,मीडीया शिकà¥à¤·à¤• सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ने बसà¥à¤¤à¥€ वासियों से à¤à¥‡à¤‚ट करके संवाद सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ किया तथा लोगों की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं पर संवेदित होकर कà¥à¤› पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करने की बात कही तथा रोजगार हेतॠबैंक की योजनाओं को लेकर चरà¥à¤šà¤¾ किया ।
आगे अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ की इस कड़ी में अनà¥à¤¯ दिनों में राजकीय पालीटेकà¥à¤¨à¤¿à¤• कालेज व शहर के अनà¥à¤¯ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ पर चरà¥à¤šà¤¾ किया गया और पोसà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ à¤à¥€ चिपकाये गये ।
07 नवमà¥à¤¬à¤°, 2017 को बà¥à¤¨à¥à¤¦à¥‡à¤²à¤–णà¥à¤¡ विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के जनसंचार व पतà¥à¤°à¤•ारिता विà¤à¤¾à¤— के विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚े, पà¥à¤°à¤¾à¤§à¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤•, बसà¥à¤¤à¥€à¤µà¤¿à¤•ास समिति के सदसà¥à¤¯,मीडीया परà¥à¤¸à¤¨,पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ टीम तथा विà¤à¤¾à¤— के विà¤à¤¾à¤—ाधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· सहित लगà¤à¤— 70 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾à¤—ीयों के साथ विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बिजौली सà¥à¤²à¤® कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° से पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ अवलोकन के बिनà¥à¤¦à¥à¤“ं पर चरà¥à¤šà¤¾ किया गया विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ने 02 समूहों में पावर पà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤¨à¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿à¤•रण,कविता,रिपोरà¥à¤Ÿ के माधà¥à¤¯à¤® से अपनी बातें रखीं कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के आरमà¥à¤ में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ नागरिक व कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤² शहर परियोजना व पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के बारे में सà¥à¤§à¥€à¤° कà¥à¤®à¤¾à¤° ने जानकारी पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ किया तथा विशà¥à¤µ शहर दिवस अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ अनà¥à¤°à¥à¤¤à¤—त किये गये पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ पर चरà¥à¤šà¤¾ किया गया।इसके पशà¥à¤šà¤¾à¤¤ छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के 06 सदसà¥à¤¯à¥€à¤¯ à¤à¤• समूह जिनà¥à¤¹à¥‹à¤¨à¥‡à¤‚ अपने समूह का नाम बैक बेनà¥à¤šà¤°à¥à¤¸ रखा था ने पावर पà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤¨à¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿à¤•रण के माधà¥à¤¯à¤® से अपने अवलोकन के बिनà¥à¤¦à¥à¤“ं को रखा जिनमें सà¥à¤²à¤® किसे कहते हैं को चितà¥à¤°à¥‹à¤‚ व वाकà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के माधà¥à¤¯à¤® से बताने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया गया और बताया गया कि सà¥à¤²à¤® में गरीबी,जोखिम,रोजगार विहिन लोग रहते हैं,यंहा पर सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾,बिजली,पानी आदि की समसà¥à¤¯à¤¾ रहती है कम सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर अधिक लोग रहते हैं अशिकà¥à¤·à¤¾ व बाल शà¥à¤°à¤®,बाल विवाह होता है,इनकी पहचान à¤à¥€ अनà¥à¤¯ समाज में नहीं रहती है,सà¥à¤²à¤® बनने के कारणों पर अपनी बात कहते हà¥à¤ छातà¥à¤° मोहित ने कहा कि शहरों में रोजगार के अवसर,शà¥à¤°à¤® बाजार का शहरों में होना तथा कृषि कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में बदलाव,जैसे कारणों से सà¥à¤²à¤® कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° बनते हैं,परिणाम सà¥à¤µà¤°à¥‚प आरà¥à¤¥à¤¿à¤• तंगंी की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में लोग रहते हैं । इन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के समाधान हेतॠसà¥à¤à¤¾à¤µ देते हà¥à¤ बताया गया कि बिजौली जैसी बसà¥à¤¤à¥€à¤¯à¥‹à¤‚ मे वहीं बसà¥à¤¤à¥€ में ही अचà¥à¤›à¥‡ तरीके से लोगों को बà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ करना चाहिà¤,बसà¥à¤¤à¥€ में जल आपूरà¥à¤¤à¤¿,जल निकासी,शिकà¥à¤·à¤¾ व सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की देखà¤à¤¾à¤² के लिठबà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ होनी चाहिà¤,हम जैसे नागरिक बसà¥à¤¤à¥€ के लोगों को आतà¥à¤® निरà¥à¤à¤° बनाने में अपना योगदान दे सकते हैं किनà¥à¤¤à¥ बसà¥à¤¤à¥€ के विकास व सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ समाधान के लिठहमें गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में à¤à¤¸à¥€ बà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ बनानी चाहिठजिससे शहर में पलायन कम हो, बाजारों से सटे कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में कà¥à¤Ÿà¥€à¤° उधोगों को बढ़ावा देना चाहिठ। इस कड़ी में छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के à¤à¤• दà¥à¤¸à¤°à¥‡ समूह ने à¤à¥€ पावर पà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤¨à¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿à¤•रण में दरà¥à¤¶à¤¾à¤¯à¤¾ कि सà¥à¤²à¤® कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° देश का अंधेरा पकà¥à¤· है, सà¥à¤²à¤® का गहरा रिशà¥à¤¤à¤¾ गरीबी से है,हमने बिजौली में देखा लेागों के पास आजीविका के ठोस साधन नहीें हैं, महिलायें परà¥à¤¦à¥‡à¤‚ में हैं घूंघट में हैं किनà¥à¤¤à¥ खà¥à¤²à¥‡ में शौच के लिठजाती हैं,परिवार के सà¤à¥€ सदसà¥à¤¯ 7-10 à¤à¤• ही कमरे में रहते हैं और कई अमीरों के यहां तो उतने हिसà¥à¤¸à¥‡ में बाथरूम बने होते हैं,लोग अशिकà¥à¤·à¤¿à¤¤ हैं और बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¥€ ठीक से पढ़ाई नहीं करते हैं,हमारा सà¥à¤à¤¾à¤µ यह है कि बचà¥à¤šà¥‡ देश का à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ हैं हमारा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ व पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ होना चाहिठतो à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में बदलाव समà¥à¤à¤µ है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के शिकà¥à¤·à¤¾ की ठोस बà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ होनी चाहिà¤à¥¤ इस पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿ के पशà¥à¤šà¤¾à¤¤ छातà¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¾ गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾ ने à¤à¤• कावà¥à¤¯ पाठके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बसà¥à¤¤à¥€ के समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं व समाधान पर अपनी बात रखी कविता के बोल निमà¥à¤¨ थे-
” मैने बसà¥à¤¤à¥€ में जाकर उसके सà¥à¤¤à¤° को अंाका है
à¤à¤• दिन खाने को रोटी और कई दिन फंाका है
आज उनके दरà¥à¤¦ की बà¥à¤¯à¤¥à¤¾- कथा बताउंगी
मैनें à¤à¥à¤—à¥à¤—ी à¤à¥‹à¤ªà¤¡à¤¼à¥€à¤¯à¥‹ की à¤à¤¸à¥€ हालत देखी है
उनके जीवन सà¥à¤¤à¤° में बड़ी गिरावट देखी है
उनकी बसà¥à¤¤à¥€ में à¤à¤• कमरे के छोटे घर होते है
उसमें सास- ससà¥à¤° बहू बेटा रिशà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° à¤à¥€ सोते हैं
घर में बिजली,पानी,खाने और रूपये की तंगी है
लेकिन दारू सिगरेट बीड़ी की बà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ चंगी है-----
उपरोकà¥à¤¤ बोल की कविता के बाद-छातà¥à¤°à¤¾ डाली पाणà¥à¤¡à¥‡ ने अपने कविता में कहा कि
à¤à¥à¤–ों के लिठनया कानून मंागती हूॠमैं
समरà¥à¤¥à¤¨ में जनता का जà¥à¤¨à¥‚न मांगती हूं
खà¥à¤¦à¤•à¥à¤¶à¥€ या मौत का जब à¤à¥‚खमरी आधार हो
उस जिले का जिलाधीश जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हो ।
à¤à¥‚ख से कोई मरे ये हतà¥à¤¯à¤¾ के समान है
हतà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के लिठमृतà¥à¤¯à¥ दणà¥à¤¡ का विधान है
कानूनी किताबों में सà¥à¤§à¤¾à¤° होना चाहिà¤
मौत का किसी को जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° होना चाहिठ।
इसी पà¥à¤°à¤•ार से अनà¥à¤¯ 03 छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ ने अपने लेख पढे़ जिनमें मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¤à¤ƒ जनसंखà¥à¤¯à¤¾ बृदà¥à¤µà¤¿ से शहरों पर पड़ रहे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ तथा सामाजिक असमानता की बात कही गयी रोहित ने अंाकड़े पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ करते हà¥à¤ कहा कि दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में 77 करोड़ लोग à¤à¤¸à¥‡ हैं जो पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 112 रूपये से à¤à¥€ कम कमाते हैं,विशà¥à¤µ में 62 अमीरों के पास 50 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ गरीबों से à¤à¥€ अधिक समà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ है,दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में खाने पीने के संसाधनों में से 86 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ खना 20 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ लोग खा जाते हैं,दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में करीब 76 करोड़ लोगों के पास पीने का साफ व गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾à¤ªà¥‚रà¥à¤£ पानी नहीं उपलबà¥à¤§ है,विशà¥à¤µ में अब à¤à¥€ 240 करोड़ लोगों की पंहà¥à¤š शौचालयों तक नहीं है,à¤à¤¾à¤°à¤¤ देश की आबादी जिस पà¥à¤°à¤•ार बढ़ी है और शहरों का विसà¥à¤¤à¤¾à¤° हà¥à¤† है à¤à¤‚ेसे में सà¥à¤²à¤® बसà¥à¤¤à¥€à¤¯à¤¾ ंतो होंगी किनà¥à¤¤à¥ हमें समाज में अमीर गरीब के बीच लमà¥à¤¬à¥€ खाई को कम करने के लिठà¤à¤• दà¥à¤¸à¤°à¥‡ को सहयोग करके कारà¥à¤¯ करना होगा । कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ पतà¥à¤°à¤•ार व पूरà¥à¤µ छातà¥à¤° रवि मिशà¥à¤°à¤¾ ने कहा कि पतà¥à¤°à¤•ारिता विà¤à¤¾à¤— के विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठयह महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ अवसर मिला है कि वे सीधे कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में जाकर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को देखते हà¥à¤ कà¥à¤› लिख सके हमारे अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के समय à¤à¥ˆà¤¸à¤¾ नहीं था इसी कड़ी में à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ की दिशा को लेकर पà¥à¤°à¤¾à¤§à¤¾à¤¯à¤¾à¤ªà¤• शà¥à¤°à¥€ उमेश शà¥à¤•à¥à¤² ने अपने विचार रखते हà¥à¤ कहा कि पतà¥à¤°à¤•ारिता के छातà¥à¤°à¥‹à¤‚ के लिठयह फीलà¥à¤¡ à¤à¥à¥à¤°à¤¾à¤®à¤£ का अवसर अतà¥à¤¯à¤¨à¥à¤¤ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ रहा है à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में à¤à¥€ हमें मिलकर पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करते रहना होगा । कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के अनà¥à¤¤ में विà¤à¤¾à¤—ाधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· सी0पी0 पेनà¥à¤¨à¤ˆ ने पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ संसà¥à¤¥à¤¾ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ आà¤à¤¾à¤° बà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करते हà¥à¤ कहा कि यह à¤à¤• सराहनीय पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— रहा है विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ने जो पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ किया वो बेहतर था हमें आगे à¤à¥€ à¤à¤¸à¥‡ कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® करते रहना चाहिठजिससे बेहतर शहर व बेहतर जीवन के सपने को साकार किया जा सके।