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मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति पंचायतों में जागरूकता

Seema is a young field animator from PRIA working with communities and panchayati raj institutions in Govindgarh, Rajasthan to build awareness on maternal and child health. She writes about her experiences in bringing the issue to the attention of not only the women in the community, but also to decision-makers and statutory institutions like the Village Health, Sanitation and Nutrition Committee (VHSNC).


मेरा नाम सीमा कुमारी शर्मा है , मैं गोविन्दगढ़ में प्रिया में फिल्ड एनिमेटर का कार्य करती हूॅ। मैं दिनांक 12 जून को लोहरवाडा ग्राम पंचायत में पंचायत मिटिंग में शामिल होने गई । वहाॅं पर सरपंच , वार्ड पंच ,सेकेटरी व अन्य ग्रामीण लोग उपस्थित थे। लगभग 15 लोग थे । सरपंच जी गाॅव की पानी की व्यवस्था में व्यस्थ थे क्योकिं उन्होंने गाॅव में पानी की नयी पाईप लाइन डलवायी थी ए तो कई लोगों ने बिना अनुमती के ही कनेक्शन कर लिया था। इसलिए उन लोगों से बात व रसीद कटवाने के लिए बोल रहे थे इसलिए मिटिंग समय पर न होकर थोडी देर से शुरू हुई। मिटिंग शुरू होने के पश्चात मैंने अपना और प्रिया का परिचय दिया तब लोगों ने कहा की हम तो प्रिया को पहले से जानते है , प्रिया ने पहले भी यहाॅ काम किया है ए जिससे मुझमें और आत्मश्विास बढ़ा।

इसके बाद मैंने वी.एच.एस.एन.सी. के बारे में बताया । मैंने सरपंच जी से पूछा की आप जानते है वी.एच.एस.एन.सी. क्या है , इसके उद्देश्य व कार्य क्या है , तो सरपंच जी ने कहा की मै नहीं जानता मैने तो इसका नाम ही पहली बार सुना है। फिर मैंने वी.एच.एस.एन.सी. के बारे बताया , इसके पश्चात मैंने सरपंच जी से पूछा की आपके यहाॅं वी.एच.एस.एन.सी. का अध्यक्ष कोन है , तो उन्होने कहा की मुझे नहीं पता कौन है , फिर मैंने बताया की आपके यहाॅ वी.एच.एस.एन.सी. के अध्यक्ष आप ही है। तो उन्होने कहा की मुझे तो किसी ने बताया ही नहीं । फिर मैंने कहा की आशा आपसे हस्ताक्षर करवाने आती है क्या तो , उन्होने कहा की हस्ताक्षर तो करवाती है , लेकिन काम ज्यादा होने की वजह या व्यस्थता की वजह से मुझे उसे पढ़ने का समय नही मिलता और मैं उसे बिना पढ़े ही हस्ताक्षर करता हूॅ। फिर उन्होंने पुछा की वी.एच.एस.एन.सी. की मिटिंग कब होती है ? तो मैंने बताया की आपके यहाॅ वी.एच.एस.एन.सी. की मिटिंग चैथे गुरूवार को होती है। फिर सरपंच जी ने कहा की अब जब भी वी.एच.एस.एन.सी. की मिटिंग हो तो आप मुझे बुला लेना मैं आ जाऊंगा और अन्य सदस्यों को भी सूचना दे दूंगा । फिर उसके पश्चात मैंने सभी लोगों को मेरी बात सूनने के लिए धन्यवाद दिया।

इसके बाद मैं 23 जून 2017 को लोहरवाडा में वी.एच.एस.एन.सी. मिटिंग हेतु गयी। मैंने सरपंच जी को एक दिन पहले ही फोन करके बता दिया था की कल वी.एच.एस.एन.सी. की मिटिंग है , तो सरपंच जी समय पर सब सेन्टर पर आ गये थे। लेकिन बाकी सदस्यों को फोन करके बुलाना पड़ा । थोडी देर के बाद लगभग सभी सदस्य आ गये। फिर मिटिंग प्रारम्भ हुई । सबसे पहले मैंने अपना और प्रिया का परियच दिया। (मिटिंग में उपस्थित सदस्यों में से आधे से ज्यादा लोग मुझे जानते थे ) ए इसके पश्चात मैंने वी.एच.एस.एन.सी. के बारे में चार्ट के माध्यम से वी.एच.एस.एन.सी.के कार्य , उद्देश्य , आवश्यकता एवं सदस्यों के बारे में बताया । फिर मैंने कहा की यदि आपके यहाँ पर घात्री , गर्भवती महिलाओं को स्वस्थ्य , पोषण , स्वच्छता संबंधी कोई समस्या है तो आप इस वी.एच.एस.एन.सी. मिटिंग में बता सकते है। किसी ने भी कोई समस्या नहीं बताई । फिर मैंने ए.एन.एम. से कहा की आपके पास कोई समस्या है ए तो ए.एन.एम. ने कहा की हमारे यहां गाॅंव में एक महिला टीकाकरण नहीं करवाती है । फिर हम सभी ने उसको समझाया तो अब वह टिके लगवाती है। दूसरी समस्या है कि मेरे सब सेन्टर पर न तो पानी की व्यवस्था हैं और न ही बिजली की व्यवस्था है। तो सरपंच जी ने कहा की पानी का कनेक्शन तो अभी करवाते है , क्योंकि गाॅव में अभी पानी की नई पाईप लाइन डली है और पास ही के सरकारी स्कूल से पानी की पाईप डालके पानी की व्यवस्था कर देंगे। फिर सरपंच जी ने एक मैकेनिंक को फोन करके बुलाया और नल लगाने के लिए जिस सामान की आवश्यकता होती है वो सामान लिखवाया और ए.एन.एम. के द्वारा सारा सामान मंगवाया तथा पानी का नल लगवाया । इसके बाद में सरपंच जी ने कहा की आपने बिजली की फाईल तो लगायी थी ना तो एएनएम ने कहा की फाईल तो मेरे पास रखी हुई है। तो सरपंच जी ने कहा की आप वो फाईल मुझे दे दीजिए , मैं बिजली विभाग में आपकी फाईल पहुंचा दुंगा तथा एक महिने में कनेक्शन करवाने की कोशिश करूंगा। इसके बाद में सरपंच जी ने आशाओं की बात सुनी तो आशाओं ने कहा की हमारे आंगनवाडी सेन्टर पर ना तो बैठने के लिए कुर्सी है और ना ही दरी है। यदि आप हमारे सेन्टर पर आये तो आपको बिठाने के लिए भी कुर्सी नहीं है। तो सरपंच जी ने कहा की आपके आंगनवाडी सेन्टर के लिए कुर्सीयों की व्यवस्था तो हो गयी है , लेकिन एक बार आपको वितरीत करने का आॅर्डर मिल जाये तो आपको बाॅट देंगे इसके , पश्चात सरपंच जी ने मुझे धन्यवाद दिया और कहा की आपने गाॅव की समस्याओं से मुझे अवगत कराया इसके लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद ।

इसके बाद मैं वहा उपस्थित महिलाओं से बात करने लगी तो उन्होने बताया की सब सेन्टर पंचायत भवन से लगभग 500 मीटर की दूरी पर है। फिर भी कभी किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया । मुझे लगा की प्रिया ने जब वी.एच.एस.एन.सी. के माध्यम से जब समस्यओं का अवलोकन किया तथा एएनएम व आशा को प्रेरित किया , तब विभिन्न प्रकार की समस्याऐं सरपंच के समकक्ष आई और उन समस्याओं का निवारण सरपंच द्वारा किया गया , जैसेः की सब सेन्टर पर पानी की व्यवस्था करना , बिजली की व्यवस्था करना व आंगनवाड़ी सेन्टर पर कुर्सीयों की व्यवस्था करना आदि । वी.एच.एस.एन.सी. के माध्यम से ही सरपंच को इन समस्याओं का पता चला।

ग्राम पंचायत एवं वी.एच.एस.एन.सी.की बैठक के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग एवं गाॅव के लोगों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याऐं सरपंच (पंचायत प्रतिनिधियों) तक पहुचने का जरिया बनी व पंचायत प्रतिनिधि , जोकि वी.एच.एस.एन.सी. क्या , कौन अध्यक्ष है , वह नहीं जानते थे , तथा इस बैठक के माध्यम से जागरूक हुये और उन्हें एहसास हुआ की इस तरह की बैठक में भाग लेने से समस्याऐं सीधे उन तक पहुचेगी तथा उसका शीध्र निवारण हो सकेगा । सरपंच ने विश्वास दिलाया की , अब वह इस तरह की बैठक में निरंतर रूप से भाग लेकर पंचायतो के स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों को जानकर उसके निवारन हेतु हर संभव प्रयास करेंगे ।

आज की बैठक से मुझे लगा कि हमारे कार्यक्रम , ए.पी.पी.आई. जिसका मुख्य उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधि को जागरूक एवं गाॅव के स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों को बेहतर करना है , तथा पंचायत प्रतिनिधियों को जागरूक करने में एक पहला सफल प्रयास रहा ।

इस बैठक के सफलता पूर्वक समपन्न होने के बाद मुझे लगा कि ऐसा नहीं है , की पंचायत प्रतिनिधि स्वास्थ्य के मुद्दों पर काम नहीं करना चाहते बल्कि उनको अपनी कार्ययोजना में स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देनी चाहिए , उसके प्रति जानकारी ही नहीं तथा जानकारी होने पर सरपंच जी को एहसास हुआ की हम इस पर भी ध्यान देकर स्वास्थ्य सेवायें सुचारू एवं प्रभावी रूप से करके मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य बेहतर करने में योगदान दे सकते है।


Photo: Health Sub-centre at Loharwada

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